डगर पनघट की / DAGAR PANGHAT KI LYRICS IN HINDI

[ad_1]

Dagar Panghat Ki Lyrics in Hindi

बोहोत कठिन है डगर पनघट की
बोहोत कठिन है डगर पनघट की

जुल्मी बड़ी औकात पे ये रात आई है
मन तो है मेरा पावन मगर यौवन हरजाई है

हो कैसे हो मिलन बाँके पिया से
जान मेरी अटकी
बोहोत कठिन है डगर पनघट की

पन पन पन पनघट की
पन पन पन पनघट की
पन पन पन पनघट की
बोहोत कठिन है डगर पनघट की

पनघट पे गट गट करके
पीती रहती पीती रहती
पीती रहती पीती रहती
सांवरिया बिन सजना क्यु
जीती रहती जीती रहती
जीती रहती जीती रहती

(संगीत)

सईया
बाबु जी बम्बईया
तेरी बटरफ्लाईयां
कब से बैठी तेरी राह तके

हईयां
अपने प्यार कि नईया
बीच भंवर में दईयां
पार लगा जोगन के भाग जगे

ओ मेरी फुलझडीया रे
सब्र जरा करियो रे
सब्र करते हुए कितना भरू मैं
हेण्डपम्प से मटकी

बोहोत कठिन है डगर पनघट की
पन पन पन पनघट की
पन पन पन पनघट की
पन पन पन पनघट की
बोहोत कठिन है डगर पनघट की

पन पन पन पनघट की
पन पन पन पनघट की
पन पन पन पनघट की
बोहोत कठिन है डगर पनघट की

पनघट पे घट घट करके
पीती रहती पीती रहती
पीती रहती पीती रहती
सांवरिया बिन सजना के
जीती रहती जीती रहती
जीती रहती जीती रहती

पन पन पन पन पन पन
बोहोत कठिन है डगर पनघट की
पन पन पन पनघट की

[ad_2]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here